कांग्रेस में वार-पलटवार का दौर, हरीश धामी ने कहा, हरक फिर दे सकते हैं धोखा, हरदा के सम्मान में इस्तीफा दे देना चाहिए

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DEHRADUN: पूर्व सीएम हरीश रावत ने राजनीतिक रूप से अर्जित अवकाश की बात क्या कही, 10 साल बाद सत्ता में वापसी की राह देख रही कांग्रेस में घमासान खुलकर सामने आ रहा है। पिछले हफ्ते में दिल्ली में 6 बड़े नेताओं को पार्टी में शामिल कराने की खुशी, देहरादून आते ही बयानों और खेमेबाजी में बदल गई है। हरक सिंह रावत, रणजीत रावत और हरीश रावत के खेमें खुलकर बयानों के तीर चला रहे हैं। अब धारचूला से विधायर हरीश धामी ने ये तक कह दिया है कि हरीश रावत के सम्मान में वे सामूहिक इस्तीफा देने को भी तैयार हैं।

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 27 मार्च को हरीश रावत की फेसबुक पोस्ट से हुई। जिसमें लिखा था किके 60 वर्षों की राजनीतिक यात्रा पर बहुत कुछ मनन किया और मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि मुझे एक सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में अर्जित अवकाश लेने का अधिकार प्राप्त हो गया है और मैं अर्जित अवकाश की पहली किश्त के रूप में 15 दिन तक राजनीतिक सोच व राजनीतिक कार्यों से व्रत रहूंगा। इसे हरीश रावत के सक्रिय राजनीति से दूर रहने के शिगूफे के तौर पर भी देख गया। लेकिन इसके पीछ कुछ और वजह या हाईकमान से हरदा की नाराजगी मानी जा रही थी।

28 मार्च को दिल्ली में 6 बड़े नेताओं ने कांग्रेस का दामन थामा। चर्चाएं थी कि संजय नेगी बी कांग्रेस में शामिल होंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। इसका खुलासा करते हुए पूर्व स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि हरीश रावत संजय नेगी को शामिल करवान चाहते थे, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई, जो कि बेहद दुखद है। उनके जैसे वरिष्ठ नेता की अनदेखी नहीं करनी चाहिए थी। कांग्रेस नेता अगर हरीश रावत को घर बिठा देगा तो पार्टी कबी सत्ता में नहीं आ सकती।

कुंजवाल के बयान के बाद हरक सिंह रावत का तीखा पलटवार आया। हरक सिंह रावत ने कुंजवाल को सुनाते हुए कहा कि किसी क़ो गलत फहमी नहीं होनी चाहिए, ये घमंड नहीं होना चाहिए की वो नहीं होगा तो पार्टी जीतेगी नहीं, किसी के रहने ना रहने से पार्टी ख़त्म नहीं होती। हरक सिंह ने कहा कि हरीश रावत को बहुत कुछ मिला है, अगर वो कुछ दिन विश्राम करना चाहते हैं तो इसमें किसी को कोई दिक्कत नहीं है। संजय नेगी को शामलि करने की बात हरीश रावत ने ऐन वक्त परकही थी, जिसे पार्टी प्रभारी कुमारी शैलजा ने कहा कि दूसरे चरण में विचार करेंगे।

हरक खेमे से बयान आया तो हरदा खेमा भी पलचवार करने में नहीं चूका। धारचूला से विधायक हरीश धामी ने कहा कि हरक सिंह रावत जी ने जो बयान दिया है वो बहुत निंदनीय है।  हरक सिंह रावत वही व्यक्ति है जिन्होंने 2016  में कुछ विधायकों को बीजेपी में शामिल कर उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार को अस्थिर करने का काम किया था। हरक सिंह रावत जी द्वारा ही इस देवभूमि में दलबदल का महापाप हुआ था जिसके बाद कांग्रेस को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इसलिए हाई कमान को इस बात को ना भूल कर इस बात का भी संज्ञान लेना चाहिए कि जो एक बार धोखा दे सकता है वो दुबारा भी भी दे सकता है। हरीश धामी ने ये भी लिखा कि, मैं सभी हरीश रावत जी के समर्थकों से कहना चाहता हूँ कि हम सबको आदरणीय हरीश रावत जी के आत्म सम्मान के लिए सामूहिक इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। जहाँ हमारे नेता वहाँ हम ।

हरीश रावत के अर्जित अवकाश की बात पर कांग्रेस में आर पार जरूर दिख रहा है। देखना होगा कि आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व की ओर से इस पर लगाम लगती है, या ये फूट और भी ज्यादा खुलकर साममे आएगी।

 

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