सिल्वरसिटी मॉल हत्याकांड का खुलासा: दबदबा खत्म करने के लिए की गैंगस्टर की हत्या, 2 आरोपी गिरफ्तार

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DEHRADUN:  सिल्वरसिटी मॉल में 13 फरवरी 2026 को हुई सनसनीखेज हत्या की घटना का खुलासा करते हुए देहरादून पुलिस और एसटीएफ उत्तराखण्ड की संयुक्त टीम ने साजिश में शामिल दो अभियुक्तों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार कर लिया है। इस हत्याकांड में शामिल आरोपियों ने कई माह पूर्व ही विक्रम शर्मा की हत्या की साजिश रची थी।

घटना के दिन कंट्रोल रूम के माध्यम से थाना डालनवाला पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी कि सिल्वरसिटी मॉल में अज्ञात हमलावरों ने एक व्यक्ति को गोली मार दी है। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल को कब्जे में लेकर जांच शुरू की, जिसकी पहचान अमन विहार रायपुर निवासी विक्रम शर्मा के रूप में हुई। सूचना मिलते ही पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र, एसएसपी देहरादून व एसएसपी एसटीएफ भी मौके पर पहुंचे तथा फॉरेंसिक टीम द्वारा घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए।

जांच में सामने आया कि मृतक विक्रम शर्मा झारखंड का कुख्यात अपराधी था और हत्या, हत्या के प्रयास व रंगदारी जैसे कई मामलों में संलिप्त रहा था। पुलिस को आशंका थी कि घटना में झारखंड के किसी गिरोह का हाथ हो सकता है। इसके बाद एसएसपी देहरादून के निर्देश पर विभिन्न टीमों का गठन कर सीसीटीवी फुटेज व सर्विलांस के माध्यम से जांच शुरू की गई।

सीसीटीवी फुटेज में तीन बाइक सवार युवकों द्वारा घटना को अंजाम देने के बाद सहस्त्रधारा क्षेत्र में बाइक खड़ी कर दूसरी बाइक व स्कूटी से हरिद्वार की ओर भागने की जानकारी मिली। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त अपाचे बाइक सहस्त्रधारा रोड से बरामद की, जो झारखंड निवासी जितेन्द्र कुमार साहू के नाम पर पंजीकृत थी।

हरिद्वार में जांच के दौरान पता चला कि आरोपियों ने स्कूटी व बाइक आकाश कुमार प्रसाद की आईडी पर किराये पर ली थी और उसका भुगतान राजकुमार की यूपीआई आईडी से किया गया था। इसके बाद आरोपी एक काले रंग की स्कॉर्पियो से फरार हो गए। वाहन की जांच में वह जमशेदपुर स्थित सारिका इंटरप्राइजेज के स्वामी यशराज के नाम पर पंजीकृत पाया गया।

पुलिस टीम ने 19 फरवरी को जमशेदपुर से आरोपी राजकुमार को गिरफ्तार किया। वहीं 23 फरवरी को ग्रेटर नोएडा के एल्फा-2 अपार्टमेंट से घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन बरामद करते हुए मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपने साथियों आशुतोष, अंकित वर्मा, विशाल सिंह, आकाश सहित अन्य के साथ मिलकर विक्रम शर्मा की हत्या की साजिश रचने की बात कबूल की।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि जेल में हुए विवाद के चलते आरोपियों ने विक्रम शर्मा की हत्या की योजना बनाई थी। इसके लिए पहले जमशेदपुर व नोएडा में प्रयास किए गए, लेकिन मौका न मिलने पर देहरादून में वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई गई। घटना से करीब तीन माह पूर्व अंकित वर्मा ने उसी जिम को ज्वाइन किया था, जहां विक्रम शर्मा रोज जाता था और घटना के दिन भी उसी ने फोन कर विक्रम के जिम में होने की सूचना अपने साथियों को दी थी।

हत्या के बाद आरोपी हरिद्वार से किराये की स्कूटी व बाइक के जरिए फरार होकर पहले से खड़ी स्कॉर्पियो से नोएडा पहुंचे। घटना में वांछित अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा लगातार दबिश दी जा रही है। मामले में वांछित छह आरोपियों पर एसएसपी देहरादून द्वारा 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

 

 

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