e-pass सिस्टम के विरोध में धरने पर बैठे यात्री, तीर्थपुरोहितों ने भी किया प्रदर्शन, बिना दर्शन किए लौट रहे श्रद्धालु,

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रुद्रप्रयाग (30 सितंबर):  उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान ई पास की अनिवार्यता से कई यात्रियों को बिना दर्शन किए वापस लौटना पड़ा रहा है। गुरुवार को केदारनाथ यात्रा मार्ग पर जब कुछ यात्रियों को ई-पास न होने पर वापस जाने को कहा गया तो यात्री गुप्तकाशी के समीप कुंड में धरने (pilgrims, teerth purohit protest against e-pass system in chardham yatra) पर बैठ गए। उधर केदारनाथ धाम में भी तीर्थपुरोहितों और स्थानीय व्यापारियों ने ई पास खत्म करने को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सरकार ने चारधाम यात्रा को सीमित संख्या में जारी रखने की अनुमति दी है। यात्रियों को देवस्थानम बोर्ड से पास बनवाने के अतिरिक्त स्मार्ट सिटी पोर्टल से भी ई पास बनाना अनिवार्य है। यात्री हजारों की संख्या में उत्तराखंड पहुंच रहे हैं, मगर सीमित संख्या में दर्शन की अनुमति के चलते सैकड़ों लोगों को वापस लौटाया जा रहा है। जिन लोगों के के पास ई पास रजिस्ट्रेशन नहीं है उन्हें भी वापस लौटाया जा रहा है। जगह जगह यात्रियों की चेकिंग की जा रही है।

इसी के विरोध में गुरुवार को केदारनाथ मार्ग पर कई यात्री गुप्तकाशी से नीचे कुंड में धरने पर बैठ गए। यात्रियों को E- pass के अभाव में केदारनाथ नहीं जाने दिया गया। जिसके विरोध में यात्रियों ने प्रदर्शन और नारेबाजी की। यात्रियों की शिकायत है कि उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है। जगह जगह चेकिंग की जा रही है।

उधर केदारनाथ धाम में भी E- pass की अनिवार्यता समाप्त करने के लिए तीर्थपुरोहित समाज और स्थानीय दुकानदारों ने धरना दिया। तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि सैकड़ों भक्तों की शिकायत आ चुकी है यात्रा मार्ग पर जगह जगह पुलिस चेकिंग में उनसे बदसलूकी की जा रही है। कुछ का आरोप है कि तुंगनाथ, त्रियुगीनारायण जाने वालों से भी E-Pass मांगा जा रहा है, जबकि इन मंदिरों में जाने के लिए ई पास की बाध्यता नहीं है।

उधर सरकार ने संकेत दिए हैं कि ई पास के बारे में जल्द ही कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है

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