लचर कानून व्यवस्था,महिला अपराध के खिलाफ कांग्रेस ने राजभवन घेराव कार्यक्रम से दिखाई ताकत
DEHRADUN: उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे आपराधिक घटनाओं और बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ सड़कों पर आज कांग्रेस का आक्रोश नजर आया। तमाम वरिष्ठ नेताओं और उत्तराखंड प्रबारी के साथ कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ताओं ने लोकभवन कूच किया। हालाकिं हाथीबड़कला में उन्हें बैरिकेटिंग लगाकर रोका गया जहां उनकी पुलिस से तीखी नोंकझोंक भी हुई।
सुबह करीब 11 बजे प्रभारी कुमारी शैलजा और कांग्रेस महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के अलावा राज्य के तमाम बड़े नेताओं परेड ग्राउंड में हुंकार भरी। इसमें पूर्व सीएम हरीश रावत, प्रीतम सिंह, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या, हरक सिंह रावत, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, करन माहरा के साथ साथ तमाम विधायक शामिल रहे। इसके बाद ढोल नगाड़ों और रणसिंघा के साथ हजारों कांग्रेसी राजभवन की तरफ बढ़े।
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लोक भवन घेराव करने जा रहे कांग्रेसियों को भारी पुलिस बल ने हाथीबड़कला में रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का मुक्की हुई। कुछ कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और जमकर प्रदर्शन किया। इस झड़प के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं को चोट आ गई। वहीं, पुलिस ने करीब 500 कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, फिर बसों में भरकर पुलिस लाइन छोड़ दिया। इस दौरान बैरिकेटिंग पर काफी देर तक हंगामा होता रहा। बाद में पुलिस ने कुमारी शैलजा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, चुनाव कैंपेन कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और पुलिस लाइन भेज दिया।
इस कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस ने कई संदेश दिए हैं। चुनाव से पहले पार्टी के तमाम नेता एक साथ एक मंच पर नजर आ रहे हैं। साथ ही शक्तिप्रदर्शन से कांग्रेस ने ये भी संदेश दिया है कि अब कांग्रेस आक्रामक होकर चुनाव में उतरेगी।
