सुप्रीम कोर्ट ने हटाया लालढांग–चिल्लरखाल रोड पर लगा स्टे, 40 हजार की आबादी को हगा लाभ
DELHI: लंबे समय से लालढांग चिल्लरखालके बीच सड़क निर्माण की मांग कर रहे कोटद्वार के लोगों के लिए खुशखबरी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस सड़क के निर्माण पर लगा स्टे हटा दिया है। लगभग 11.5 किलोमीटर लंबी इस सड़क में से 4.7 किलोमीटर का हिस्सा सेंट्रल फॉरेस्ट एरिया से होकर गुजरता है, जिसके कारण निर्माण कार्य लंबे समय से लंबित था।
सुप्रीम कोर्ट ने इंटरवेंशन एप्लीकेशन को स्वीकार करते हुए सड़क निर्माण ओर लगी रोक को समाप्त कर दिया है। बता दें करीब दो सालों से यह सड़क परियोजना क़ानूनी अड़चनों के चलते ठप पड़ी हुई थी। स्थानीय जनता लंबे समय से इस मार्ग के निर्माण कि मांग कर रही थी। जिसके तहत दिल्ली कूच और जन आंदोलन के जरिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है। इस मार्ग का निर्माण कार्य, जो राजाजी और कॉर्बेट पार्क के बीच से गुजरता है, सख्त वन कानूनों और पारिस्थितिक चिंताओं के कारण रुका हुआ है।
यह सड़क कोटद्वार और आसपास के इलाकों की आवाजाही को आसान बनाने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को क्षेत्र की जनता के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। अब जल्द ही इसके सड़क निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
लगभग 11.5 किलोमीटर लंबी इस सड़क में से 4.7 किलोमीटर का हिस्सा सेंट्रल फॉरेस्ट एरिया से होकर गुजरता है, जिसके कारण निर्माण कार्य लंबे समय से लंबित था। न्यायालय के इस सकारात्मक आदेश के बाद अब लगभग 18 गाँवों और 40,000 से अधिक की आबादी को ऑल वेदर रोड कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। यह निर्णय क्षेत्र की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक प्रगति के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा।
स्थानीय विधायक एवं विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने इस अवसर पर कहा कि यह केवल एक सड़क नहीं, बल्कि कोटद्वार और आसपास के समस्त ग्रामीण अंचलों के लिए जीवनरेखा है।
