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डबल इंजन से इंफ्रास्ट्रक्चर का कितना विकास, किन प्रोजेक्ट पर चल रहा काम, देखिए खास फैक्ट चेक

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डबल इंजन सरकार में उत्तराखंड के इंफ्रास्ट्रक्चर का कितना विकास हुआ कौन कौन से प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है, देखिए आज का फैक्ट चेक ।
उत्तराखंड में अक्सर डबल इंजन की बात होती है। आइए आज के फैक्ट चेक में जानते हैं कि डबल इंजन सरकार ने बुनियादी ढांचे को कितना मजबूत किया है।

रोड कनेक्टिविटी
शुरुआत करते हैं रोड कनेक्टिविटी से…उत्तराखंड में चारधाम ऑलवेदर रोड की महत्वाकांक्षी परियोजना चल रही है, जिसकी कुल लागत 12 हजार 70 करोड़ रुपए है। इसमें 825 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना के तहत 53 काम होने हैं।
646 किलोमीटर लंबी सड़कों के 38 कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं। जिसकी लागत 8 हजार 379 करोड़ रुपए है।
ऑल वेदर रोड परियोजना में 527 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण और मरम्मत का काम पूरा हो चुका है।
अब वो दिन दूर नहीं , जब आप देश की राजधानी से प्रदेश की राजधानी तक मात्र ढाई घंटे में पहुंच जाएंगे। ये मुमकिन हो पाएगा दिल्ली- देहरादून इकोनॉमिक कोरिडोर के चलते। यह एक्सप्रेस वे दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर होते देहरादून तक पहुंचेगा यह कोरिडोर 210 किलोमीटर लंबा है जिसमें 170 किलोमीटर के निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है। इस प्रोजेक्ट के लिए 11 हजार करोड़ रुपए जारी हो चुके हैं। इसके अलावा हरिद्वार दिल्ली मार्ग पर हरिद्वार-सहारनपुर के बीच बायपास या स्पर का निर्माण भी प्रस्तावित है। 50 किलोमीटर लंबे इस स्पर का 31 किलोमीटर हिस्सा उत्तराखंड में तथा शेष 19 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश में आएगा।

रेल कनेक्टिविटी

अब बात करते हैं रेल कनेक्टिविटी की। चारधाम रेल परियोजना उत्तराखंड की महत्वाकांक्षी परियोजना है। इसके तहत 125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन पर कार्य जारी है।
इसके अलावा 27 किलोमीटर लंबी देवबंद-रुड़की रेल लाइन पर काम जारी है। इससे देहरादून और दिल्ली के बीच की दूरी कम हो जाएगी।
रेलवे के कुछ और प्रोजेक्ट पर नजर डालें तो 102 किलोमीटर लंबी बरेली-पीलीभीत-टनकपुर रेल लाइन पर गेज़ कनवर्जन की संस्तुति मिल चुकी है
27 किलोमीटर लंबी हरिद्वार-लक्सर रेल लाइन के दोहरीकरण का काम आवंटित हो चुका है।
मोटे तौर पर देखें तो उत्तराखंड में 18 हजार 553 करोड़ रुपए के रेलवे निर्माण कार्यों को केंद्र ने संस्तुति दी है। इनमें 3 नई रेल लाइन भी शामिल हैं। इसमें भी 4248 करोड़ रुपए के 6 किलोमीटर लंबे ट्रैक के काम पूरे हो चुके हैं।
साथ ही रेलवे उत्तराखंड में 6 रोड ओवर ब्रिज यानी आरओबी बना रहा है इनमें से एक का काम पूरा हो चुका है, बाकी का निर्माण जारी है।

एयर कनेक्टिविटी

अब बात एय़र कनेक्टिविटी की… उड़े देश का आम नागरिक यानी उड़ान योजना के तहत उत्तराखंड में पंतनगर और पिथौरागढ़ के लिए छोटे प्लेन सेवाएं शुरू की गई हैं। पंतनगर के लिए ये सेवा सुचारू रूप से चल रही है, लेकिन पिथौरागढ़ के लिए फिलहाल बंद हैं।
इसके अलावा देहरादून-हल्द्वानी, पंतनगर-देहरादून और सहस्त्रधारा-चिन्यालीसौड़ के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू की गई हैं। जबकि अल्मोड़ा, गौचर, जोशीमठ, नैनीताल मसूरी, रामनगर, नई टिहरी, श्रीनगर के लिए भी हेली सेवाएं शुरू की जानी हैं।
किसी भी प्रदेश के लिए रोड , रेल, एय़र कनेक्टिविटी का होना बहुत जरूरी है। चूंकि उत्तराखंड का भविष्य सर्विस सेक्टर खासतौर से टूरिज्म पर निर्भर है, इसलिए ये इंफ्रास्ट्रक्चर उत्तराखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
अगर एक लाइन में समझें तो यहां डबल इंजन सरकार सफल साबित होती दिख रही है।
Narendra Modi
Pushkar Singh Dhami
Nitin Gadkari
BJP Uttarakhand

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